Infrastructure (अधोसंरचना एवं सुविधाएं)

अंग्रेजों के शासन काल में अक्षय तृतीया वर्ष 1944 को पांच विद्यार्थियों के साथ शुभारंभ हुआ, प्राचीन समय से ही गुरुकुल पांच रत्न का अध्ययन केंद्र रहा है |

प्राचीन भवन (कुल कक्ष 13)

  • प्रकृति के सौंदर्य वातावरण में प्राचीन गुरुकुल का आकर्षक शिक्षा व संस्कारों को गढ़ने वाला शिक्षा का मंदिर, पुराना गुरुकुल भवन |
  • प्राचीन गुरुकुल भवन में कुल 13 कक्ष, कक्ष क्रमांक 11 एवं 12 को जोड़ने वाली बालकनी नींव के पत्थर से ऊंचाई का शिकार प्रवेश द्वार से प्रतिबिंब होता था, भवन के अंदर कक्ष क्र 9 एवं 10 के बीच खाली जगह जहां पर सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं बाल सभाओं का आयोजन तथा जयंतियां मनाई जाती थी |
  • प्राचीन गुरुकुल भवन में प्रवेश द्वार के दोनों तरफ एन.सी.सी एवं एन.एस.एस. कक्ष सुशोभित करते थे |
  • प्राचीन समयानुसार आकर्षक मुख्य द्वारा अपने शिष्यों के स्वागत हेतु तैयार किया गया था |

आधुनिक गुरुकुल – “शिक्षा – संस्कार – तकनीकी कौशल”

भू-तल (Ground Floor)

  • प्राचार्य कक्ष
  • कार्यालय
  • परीक्षा विभाग
  • कंप्यूटर लैब
  • स्टाफ रूम
  • स्मार्ट क्लास
  • गेस्ट रूम

(नोट: कक्षा छठवीं एवं सातवीं की सभी कक्षाएँ भू-तल पर संचालित होती हैं।)

 

 प्रथम तल (First Floor)

  • स्मार्ट क्लास कक्षाएँ
  • स्टाफ रूम

(नोट: कक्षा आठवीं, नवमीं एवं दसवीं की सभी कक्षाएँ प्रथम तल पर संचालित होती हैं।)

 

 द्वितीय तल (Second Floor)

  • स्मार्ट क्लास कक्षाएँ
  • स्टाफ रूम

(नोट: कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं की सभी कक्षाएँ द्वितीय तल पर संचालित होती हैं।)