NCC (एन. सी. सी)

भारत में एन. सी. सी की स्थापना –
वर्तमान एन. सी. सी. औपचारिक रूप से 15 जुलाई 1948 को संसद के XXXI अधिनियम के माध्यम से अस्तित्व में आया | एन. सी. सी का गर्ल्स डिवीज़न जुलाई 1949 में प्रारंभ किया गया | 1 अप्रैल को बॉम्बे और कोलकाता में एयर विंग की एक-एक एयर स्क्वार्डन के साथ शुरू किया गया था | एनसीसी की नेवल विंग को जुलाई 1952 में शुरुआत किया गया | इस प्रकार कोर में सभी तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व किया गया |
आज एनसीसी के पास 13 लाख़ से अधिक क्रेडेट्स की एक नामांकित शक्ति है और इसमें तीनों जल, थल और वायु सेनाओं के अंतर्गत लड़का एवं लड़कियों की सीनियर एवं जूनियर विंग संचालित है |
एनसीसी का आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन है”
एन. सी. सी के उद्देश्य –
युवकों को सुयोग्य नागरिक बनाने के लिए उनमें चरित्र, साहस, मैत्री भाव, अनुशासन, नेतृत्व, दृष्टिकोण, साहसिक क्रियाकलाप तथा खेल भावना और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को विकसित करना है।
संगठित, प्रशिक्षित और प्रेरित युवकों को ऐसी जन शक्ति का निर्माण करना जो सशक्त सेना सहित जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नेतृत्व कर सके और राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रहे।
डी. जी. एन. सी. सी के चार कार्डिनल पॉइंट
- मुस्कुराते हुए आज्ञा का पालन करो।
- समय के पाबंद एवं हमेशा नियमित रहो।
- बिना आडंबर कठोर परिश्रम करो।
- बहाने मत बनाओ एवं झूठ न बोलो।
गुरुकुल में एन. सी. सी-

गुरुकुल में एनसीसी विगत 54 वर्ष से निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ आदर्श स्थिति में है विद्यालय में एन.सी.सी. का शुभारंभ जुलाई 1970-71 में तत्कालीन प्राचार्य S/o नेमीचंद जी जैन के सार्थक प्रयासों के परिणाम स्वरुप हुआ था | संस्था में एनसीसी का सफल संचालन मध्य प्रदेश बटालियन एनसीसी सागर के कमांडिंग ऑफिसर के निर्देशन में किया किया जाता रहा है | विद्यालय में एनसीसी का ट्रंप नंबर 426 को निम्नलिखित एनसीसी अधिकारियों ने कमांड किया-
- सेकेण्ड ऑफिसर – आर.जी नेमा (सत्र- 1971 से 1981 तक)
- सेकेण्ड ऑफिसर – पी.सी. जैन (सत्र- 1981 से 1991 तक)
- केयर टेकर – एस.एस. ठाकुर (सत्र- 1991 से 1992 तक)
- केयर टेकर – एस. बजाज (सत्र- 1992 से 1993 तक)
- चीफ़ ऑफिसर – एच.के. अग्निहोत्री (सत्र- 1993 से 2023 तक)
- केयर टेकर – एल.एल. पटेल (सत्र- 2023 से अनवरत)
एन. सी. सी को मिलने वाली सुविधाएँ –
- प्रत्येक परेड पर सागर बटालियन से फौजी अधिकारी विद्यालय आकर सैनिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।
- प्रति परेड प्रति कैडेट 36.00 का स्वल्पाहार एनसीसी द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।
- एनसीसी द्वारा प्रत्येक कैडेट को पूर्ण वर्दी जिसमें कैप, पम पम, बैच, लेनयार्ड, दो शर्ट, दो फुल पैंट, दो मौजे, जूते, बेल्ट आदि सामान निशुल्क प्रदान किया जाता है।
- कैंप में जाने-आने का संपूर्ण यात्रा व्यय एवं दैनिक भत्ता भी एनसीसी द्वारा प्रदान किया जाता है।
- कैंप में ठहरने एवं चाय नाश्ता और पौष्टिक भोजन सभी कैडेट्स को निशुल्क प्रदान किया जाता है।
- कैंप के दौरान कैडेट्स को फायरिंग करने का अनुपम अवसर मिलता है।
- कैंप के दौरान सेवा के उच्च अधिकारियों से मिलने और उनके द्वारा दिए गए ज्ञान को प्राप्त करने का दुर्लभ मौका कैडेट को ही मिल सकता है।
- कैंप के दौरान बीमार होने पर कैडेट को सैनिक अस्पताल में निशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है।
- एनसीसी में रहते हुए भारत के किसी भी राज्य/क्षेत्र में कैंप करने का अवसर प्राप्त होता है।
- एनसीसी में रहकर ही 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर लाल किले के सम्मुख परेड करने का मौका मिलता है।
- एनसीसी प्रशिक्षण के उपरांत एनसीसी की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर कैडेट को प्रमाण पत्र दिया जाता है, जो सभी प्रकार की नौकरियों में कैडेट को वरीयता प्रदान करता है।
- एनसीसी प्रशिक्षण का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कैडेट एक अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक के रूप में उभरकर सच्चा देशभक्त और ईमानदार व्यक्तित्व बन जाता है।
एनसीसी ऑफिसर को मिलने वाले लाभ-
- प्रति माह मानदेय
- वर्दी
- प्रथम श्रेणी की रेल यात्रा
- राजपत्रित अधिकारी का दर्जा
- सैनिक कैंटीन सुविधा
- कैडेट की तरह अन्य सभी लाभ
- स्थानांतरण पर प्रतिबंध
एनसीसी द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण
- “दायें मुड़” → “दाएँ मुड़”
- “बाये सेल्यूट” → “बाएँ सेल्यूट”
- “प्रिज्मेटिक कम्पास दिकमान का ज्ञान” → “प्रिज्मेटिक कम्पास व दिशा ज्ञान”
- “रायफलों का संपूर्ण ज्ञान” → “राइफलों का संपूर्ण ज्ञान”
- “सिस्त का कायदा” → “सिस्ट का कायदा”
- “फासले के हिसाब से ग्राउंड का बयान” → “फासले के अनुसार ग्राउंड का विश्लेषण”
- “अन आर्म कॉम्बैट” → “अनआर्म्ड कॉम्बैट”
- “फायर ट्रेंच आवसटीकल” → “फायर ट्रेंच एवं अब्सटेकल”
- “फायर कंट्रोल, फायर यूनिट, फायर डायरेक्शन ऑर्डर, फायर कंट्रोल ऑर्डर” → “फायर कंट्रोल, फायर यूनिट, फायर डायरेक्शन ऑर्डर एवं फायर कंट्रोल ऑर्डर”
एनसीसी कैम्प (शिविर) के प्रकार –
एनसीसी में निम्न प्रकार की कैंप आयोजित किए जाते हैं-
- “बेसिक लीडरशिप कैंप” → “बेसिक लीडरशिप प्रशिक्षण शिविर”
- “एडवांस लीडरशिप कैंप” → “एडवांस लीडरशिप प्रशिक्षण शिविर”
- “सैनिक कैंप” → “सैनिक प्रशिक्षण शिविर”
- “नेशनल इंटीग्रेशन कैंप” → “राष्ट्रीय एकता शिविर”
- “आर्मी अटैचमेंट कैंप” → “सेना संलग्नता शिविर”
- “नेवल अटैचमेंट कैंप” → “नौसेना संलग्नता शिविर”
- “वायु सेना अटैचमेंट कैंप” → “वायुसेना संलग्नता शिविर”
- “ऑल इंडिया रॉक क्लाइम्बिंग ट्रेनिंग कैंप” → “अखिल भारतीय रॉक क्लाइम्बिंग प्रशिक्षण शिविर”
- “आर.डी.सी. कैंप” → “गणतंत्र दिवस परेड शिविर (RDC)”
- “संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर”
गुरुकुल विद्यालय के कैडेट्स द्वारा किये गए प्रमुख्य कैम्प –

“ऑल इंडिया रॉक क्लाइम्बिंग ट्रेनिंग कैंप 1996 त्रिवेंद्रम, केरल” →
“ऑल इंडिया रॉक क्लाइम्बिंग प्रशिक्षण शिविर 1996, त्रिवेंद्रम (केरल), जिसमें संस्था के कैडेट संजय साहू, आत्मज श्री प्रेम शंकर साहू ने संपूर्ण भारत में तीसरा स्थान प्राप्त कर मध्य प्रदेश एवं संस्था का गौरव बढ़ाया।”“ऑल इंडिया ट्रैकिंग कैंप एर्नाकुलम को कोच्चि केरल” →
“ऑल इंडिया ट्रेकिंग कैंप, एर्नाकुलम (कोच्चि, केरल) में संस्था ने मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।”“राष्ट्रीय एकता शिविर (NIC) सिरोही राजस्थान” →
“राष्ट्रीय एकता शिविर (NIC), सिरोही (राजस्थान) में संस्था ने मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और संपूर्ण भारत में ड्रिल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर संस्था को गौरवान्वित किया।”“ऑल इंडिया ट्रैकिंग कैंप रांची झारखंड” →
“ऑल इंडिया ट्रेकिंग कैंप, रांची (झारखंड) में संस्था को 2003 में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला, जिसमें संस्था के कैडेट्स ने राज्य स्तरीय प्रदर्शन कर संस्था एवं 11 मध्य प्रदेश बटालियन का गौरव बढ़ाया।”“राष्ट्रीय एकता शिविर 2009 चित्रकूट” →
“राष्ट्रीय एकता शिविर, 2009 (चित्रकूट) में संस्था को पुनः मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला।”“ऑल इंडिया वायु सेना अटैचमेंट कैंप 2021-22 बेंगलुरु” →
“ऑल इंडिया वायुसेना संलग्नता शिविर 2021-22, बेंगलुरु में संस्था के कैडेट लक्ष्य चौहान का चयन मध्य प्रदेश से हुआ, जो संस्था के लिए गौरव का क्षण था।”
संस्था के कैडेट्स सेना में –
गुरुकुल संस्था के लगभग 25-30 कैडेट्स भारतीय सेना एवं पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देने में एनसीसी के माध्यम से ही सक्षम हो सके हैं|
एन.सी.सी. में प्रवेश की योग्यताएं –

एनसीसी में प्रतिवर्ष जुलाई माह में भर्ती अभियान के तहत फौजी अधिकारियों की उपस्थिति में चलाया जाता है जिसमें प्रवेश हेतु छात्र में निम्नलिखित योग्यताएं होना आवश्यक है –
- छात्र भारत अथवा नेपाल का नागरिक होना चाहिए।
- छात्र की आयु 13 से 16 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- छात्र कक्षा आठवीं अथवा नवमीं में अध्ययनरत होना चाहिए।
- छात्र चिकित्सा परीक्षण में स्वस्थ एवं निरोग होना चाहिए।
- छात्र के अभिभावक की लिखित सहमति आवश्यक है।
- छात्र की ऊंचाई 162 सेंटीमीटर से अधिक तथा वजन 45 से 60 किलोग्राम के बीच होना चाहिए।
- छात्र अनुशासित होना चाहिए।